पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। स्थान, सूर्योदय और गणना पद्धति के अनुसार समय बदल सकता है।
राहुकाल और अभिजित मुहूर्त क्या हैं?
राहुकाल सप्ताह के दिन और स्थानीय दिन के समय से निकलता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर से जुड़ा है। ये सफलता की वैज्ञानिक गारंटी नहीं हैं।
ग्रह मंत्रों का क्या अर्थ है?
शनि, हनुमान, शिव, दुर्गा आदि से जुड़े मंत्र अलग परंपराओं में जपे जाते हैं। जप किसी दशा या घटना को निश्चित रूप से बदलने का प्रमाण नहीं है।
पंचांग देखते समय क्या जाँचें?
सही स्थान, टाइमज़ोन, सूर्योदय और स्थानीय उत्सव नियम जाँचें। एकादशी जैसी तिथियों में परंपरा से अंतर आ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा कब शुरू और खत्म होगी?
विंशोत्तरी दशा की गणना जन्म के चंद्र नक्षत्र से होती है। जन्म तिथि, सही समय, स्थान और अयनांश से महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा, सूक्ष्म और प्राण दशा की तारीखें निकालें।
क्या शनि, राहु और केतु की दशा हमेशा खराब होती है?
नहीं। ग्रह का भाव, राशि, दृष्टि, युति और चल रही उपदशा साथ में देखी जाती है। किसी ग्रह का नाम सुनकर निश्चित बुरे परिणाम मानना सही नहीं है।
AI ज्योतिष से कौन से सवाल पूछें?
लग्न, भाव, ग्रह स्थिति, वर्तमान महादशा-अंतर्दशा, सूक्ष्म और प्राण दशा की तारीखें, नवांश तथा करियर-विवाह के संकेत पूछें। गणना और व्याख्या को अलग समझें।
अलग ऐप में दशा की तारीखें अलग क्यों आती हैं?
अयनांश, समय क्षेत्र, जन्म समय की सटीकता, वर्ष की गणना और दशा विभाजन के तरीके अलग होने से परिणाम बदल सकते हैं।
ज्योतिष को संदर्भ की तरह उपयोग करें, निश्चितता की तरह नहीं
ज्योतिष व्याख्यात्मक है। कोई चार्ट या दशा किसी खास जीवन घटना की गारंटी नहीं देती। महत्वपूर्ण निर्णयों में वास्तविक जानकारी और उचित पेशेवर सलाह भी शामिल करें।
